Jwalamukhi Kise Kahate Hain Hindi Mein

Jwalamukhi Kise Kahate hain, ज्वालामुखी क्या होते हैं और वे कैसे सक्रिय हो जाते हैं, यह समझने के लिए धरती की संरचना को जानना होगा।

पृथ्वी की सतह से उसके केन्द्र की दूरी औसतन 3960 मील है। धरती की बाहरी सतह ठोस है। इस ठोस सतह पर ही समुद्र हैं। इस सतह के नीचे उच्च तापमान पर पिघला लावा है।

पृथ्वी की बाहरी सतह को हम कस्ट या पर्पटी कहते हैं। यह क्रस्ट पूरी तरह एक साथ जुड़ी हुई नहीं है, कई जगह से खंडित है। एक तरह से खौलते तरल लावा के ऊपर भूमि के खंड तैरते हैं, इन खंडों को प्लेट्स कहते हैं। दुनिया के नक्शे पर कम से कम सात बड़ी प्लेटें हैं।

Jwalamukhi Kise Kahate hain

अंदर के दबाव के कारण इन प्लेटों में टकराव होता है तो भूकम्प आते हैं और ज्वालामुखी भी सक्रिय होते हैं। ज्वालामुखी धरती पर बने ऐसे सुराख है, जहां से पिघली हुई चट्टान, गरम चट्टानों के टुकड़े, गैस, राख और भाप बाहर आती है।

भारत के दो सबसे खतरनाक ज्वालामुखी अंडमान निकोबार द्वीप पर हैं, इनमें से एक बैरन वन है। वर्ष 2004 में आई सुनामी के दौरान बैरन वन फट गया था। इस दौरान इसके 500 मीटर ऊंचे क्रेटर से लावा निकलने लगा था। इसी से मिलते-जुलते नाम वाला ज्वालामुखी है, बैरन आयलैंड

अंडमान में ही तीसरा बड़ा ज्वालामुखी है – नारकोंडम, जिसे पहले खत्म मान लिया गया था। जून 2005 में इस ज्वालामुखी से कीचड़ और धुआं निकलता देखा गया था। इससे पहले सौ साल तक इसमें कोई गतिविधि नहीं हुई थी।

  • वैज्ञानिकों के मुताबिक धरती पर सबसे ज्यादा खतरनाक ज्वालामुखी तंबोरा है, जो इंडोनेशिया में मौजूद है।
  • हिंद महासागर में सबसे ज्यादा ताकतवर ज्वालामुखी ‘पिंटो दे ला फॉर्नेस’ है, जो रियूनियन द्वीप पर है।
  • धरती का सबसे बड़ा ज्वालामुखी ‘मौना लोआ’ को माना जाता है, जो हवाई द्वीप में है।

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