RSCIT Chapter 5: Digital Payment and Platforms in Hindi

RSCIT Chapter 5 – Digital Payment and Platforms (डिजिटल भुगतान और प्लेटफॉर्म) के इस अध्याय में हम जानेंगे ऑनलाइन बैंकिंग के बारे में सारी जानकारी जिसमें कि ऑनलाइन बैंकिंग क्या हैं, Online Banking के फायदे, भामाशाह खाता, जन-धन खाता, डिजिटल वॉलेट, मोबाइल वॉलेट तथा ऑनलाइन बैंकिंग से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।

ध्यान दीजियेगा यहां पर आपको किताब से छापकर पाठ नहीं दिया गया हैं बल्कि सरल भाषा में नोट्स के रूप में समझाया गया है जिससे कि विद्यार्थी को पढ़ने और समझने में आसानी हो। अगर आप RSCIT की परिक्षा में अच्छे नम्बर से पास होना चाहते हैं तो आप RSCIT Chapter 1 से लेकर 16 तथा RSCIT संक्षिप्त शब्दों (Acronyms) को एक बार अच्छे से पढ़ लिजिए।

ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking)

ऑनलाइन बैंकिंग एक इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली है जो वित्तिय संस्थानों के ग्राहकों को संस्थान द्वारा संचालित वेबसाइट पर वित्तीय ट्रांजेक्शन; उदाहरण के लिए खातों में भुगतान, रोज़मर्रा के बिलों का भुगतान, बीमा प्रीमियम का भुगतान, बैंक स्टेटमेंट आदि की अनुमति देता है।

ऑनलाइन बैंकिंग के लाभ (Benefits of Online Banking)

ऑनलाइन बैंकिंग ग्राहक और बैंक दोनों के लिए कई फायदे प्रदान करता है। कुछ लाभ नीचे दिए गए हैं ~

  • कहीं भी, किसी भी समय (24×7) बैंकिंग
  • ट्रांजेक्शन पर कम लागत/सामान्य लागत में कटौती
  • समय की कम लागत
  • अत्यधिक सुरक्षित
  • पैसे तुरंत और सही जगह स्थानांतरित करना
  • घर से बैठे-बैठे यूटिलिटी बिल भरना और कई अन्य सेवाओं का लाभ लेना

जन-धन खाता (Jan-Dhan Account)

RSCIT Chapter 5 के अनुसार इसे खोलने के लिए पहचान तथा पत्ते प्रमाणीकृत डाक्यूमेंट्स की जरूरत होती है। यह सेवा अगस्त 2014 में लागू की गई तथा इसे Zero Balance Account भी कहते हैं।

भामाशाह खाता (Bhamashah Account)

यह सुविधा 2008 में शुरू की गई तथा इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक सरकारी लाभ पहुंचाना है। इस सुविधा के लिए एक कार्ड बनाना पड़ता है, तथा यह कार्ड घर की मुखिया (स्त्री) के नाम से बनता है। इस कार्ड में परिवार के सभी लोग जुड़ सकते हैं एवं लाभ उठा सकते हैं, इस कार्ड का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

डिजिटल भुगतान पद्धतियां (Digital Payment Methods)

डिजिटल भुगतान प्रणाली ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की स्वीकृति प्रदान करती है। डिजिटल भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट और कई अन्य भुगतान मोड के माध्यम से किया जा सकता है। भारत में कई डिजिटल भुगतान प्लेटफार्म उपलब्ध हैं, जो ऑनलाइन भुगतान सुविधा प्रदान करते हैं।

  • क्रेडिट कार्ड भुगतान – बैंक द्वारा उधार राशि के रूप में या लोन के रूप में क्रेडिट कार्ड का उपयोग किया जाता है।
  • डेबिट कार्ड भुगतान – डेबिट कार्ड से भुगतान के लिए बैंक खाते में पैसों का होना जरूरी है।
  • रुपे कार्ड भुगतान (NPCI)
  • नेट बैंकिंग (Net Banking)
  • POS (Point of Sale) – Swipe Machine

मोबाइल भुगतान (Mobile Payments)

RSCIT Chapter 5 के अनुसार मोबाइल भुगतान आमतौर पर मोबाइल डिवाइस से या उसके द्वारा की जाने वाली भुगतान सेवाओं से संबंधित है। इन्हें मोबाइल वॉलेट, डिजिटल वॉलेट भी कहा जाता है और ये सेवाएं वित्तीय नियमों के तहत संचालित की जाती हैं। भारत में उपयोग में ली जाने वाली मोबाइल भुगतान सेवाएं निम्न हैं ~

  • मोबाइल वॉलेट (Mobile Wallet)
  • यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (Unified Payment Interface – UPI) – By NPCI
  • भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (Bharat Interface for Money – BHIM) – By NPCI
  • USSD (Unstructured Supplementary Service Data) – यह सेवा मोबाइल में बिना इंटरनेट के उपयोग की जा सकती है। मोबाइल में *99# डायल करके इस सेवा को शुरू किया जा सकता है।
  • आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (Aadhar Enabled Payment System – AEPS) – आधार नंबर का प्रयोग करके बायोमेट्रिक तरीके से की गई भुगतान प्रणाली AEPS के अंतर्गत आती है तथा यह सेवा भी NPCI के अंतर्गत दी जाती है।

उम्मीद है कि आपको RSCIT Chapter 5 अच्छे से समझ आ गया होगा और आपने अच्छे से याद भी कर लिया होगा, इसी तरह अन्य RSCIT Chapters के भी नोट्स आपको हमारी वेबसाइट पर मिल जाएंगे। नीचे दिए बटन पर क्लिक करके उनको भी जरूर देखें।

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