RSCIT Chapter 14: Cyber Security and Awareness in Hindi

RSCIT Chapter 14: Cyber Security (साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता) के इस अध्याय में हम जानेंगे साइबर सिक्योरिटी के बारे में जिसमें कि Cyber Security क्या हैं, साइबर थ्रैट के प्रकार व उनसे बचाव के तरिके, मैलवेयर, फिशिंग, DoS Attack, सुरक्षित ब्राउजिंग, मेलिंग शिष्टाचार, Social Legal and Ethical aspect of IT तथा कुछ Act शामिल हैं।

साइबर सुरक्षा (Cyber Security)

साइबर सुरक्षा को कंप्यूटर सुरक्षा के रूप में भी जाना जाता है, साइबर सुरक्षा का अर्थ कंप्यूटर हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, डाटा/सूचना आदि के साथ-साथ कंप्यूटर सिस्टम के कामकाज को किसी भी प्रकार के नुकसान, व्यवधान एवं चोरी से सुरक्षा देना है।

साइबर थ्रेट के प्रकार (Types of Cyber Threat)

मैलवेयर (Malware)

यह एक ईमेल अटैचमेंट, सॉफ्टवेयर डाउनलोड या ऑपरेटिंग सिस्टम की कमजोरियों के माध्यम से कंप्यूटर सिस्टम में प्रवेश करता है।

  • वायरस (Virus) – सॉफ्टवेयर प्रोग्राम में स्वयं की प्रतिकृति बनाकर स्वयं को छुपा देता है।
  • ट्रोजन हॉर्स (TrojanHorse) – वायरस/मैलवेयर डाउनलोड करता है।
  • स्पाइवेयर (Spyware)- जासूसी का कार्य करता है।
    उदाहरण – वेब ब्राउजिंग हिस्ट्री, की स्ट्रोक्स रिकॉर्ड, स्क्रीनशॉट आदि।

फिशिंग (Phishing)

ईमेल लिंक प्रक्रिया का प्रयोग करके हमला करता है। उदाहरण – www.facebook.com का गलत वेबपेज www.facbook.com बनाकर।

पासवर्ड हमले (Password Attacks)

यह पासवर्ड Crack एल्गोरिथ्म का प्रयोग करके किया जाता है। बचाव – मजबूत पासवर्ड वह हर जगह अलग-अलग पासवर्ड, पासवर्ड (Lower Case Letters, Upper Case Letters, Numbers and Special Characters) का मिश्रण करके बनाने चाहिए।

डिनायल ऑफ सर्विसेज अटेक्स (DoS Attack)

टारगेट सिस्टम में अत्यधिक डाटा भेजकर उसे ओवरलोड करके हमला किया जाता है। बचाव – सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें।

मेलवरटाइजिंग (Mailvertising)

वेबसाइट पर फेक विज्ञापनों के माध्यम से हमले को अंजाम दिया जाता है। बचाव – अविश्वसनीय विज्ञापनों पर क्लिक ना करें , सिस्टम में एंटीवायरस रखें।

  • सिस्टम सिक्योरिटी में सेंंध – हैकिंग या क्रैकिंग के माध्यम से घुसपैठ।
  • वेब हमले – वेबसाइट पर इंटरेक्शन (बातचीत) के माध्यम से। बचाव – अनजान लोगों के साथ सुरक्षा संबंधी वस्तुएं शेयर ना करें।
  • सेशन अपहरण – क्लाइंट मशीन/कंप्यूटर और सर्वर/वेबसाइट के बीच निगरानी रखकर। बचाव – हमेशा HTTPS का उपयोग करें।
  • DNS पॉइजनिंग – यूज़र द्वारा की जा रही वेब सर्विग को तथा ट्रैफिक को दूसरी वेबसाइट (Illegal) पर भेज दिया जाता है।

How to Identify Safe Websites and Portals

  • Check Website Address
  • Check Lock Symbol and HTTPS
  • प्रतीक (Secure Seals)
    • Privacy Seal
    • Business Practice Seal
    • Business Identify Seal
    • Security Seal

सुरक्षित ब्राउजिंग (Secure Browsing)

  • Keep Software Up to Date
  • Run Antivirus in System
  • Don’t Reuse Old Passwords
  • Avoid Phishing Attacks
  • Check HTTPS and Lock Symbol
  • Read Privacy Policy of Websites
  • Monitor Financial Transaction
  • Avoid public or free Wi-Fi
  • Disable Stored Passwords
  • Turn on Pop up Blocker in Browser
मेलिंग शिष्टाचार
  • स्वयं का परिचय दें
  • सब्जेक्ट लाइन जांच करें
  • ई-मेल पर हस्ताक्षर का प्रयोग करें
  • स्पेलिंग चेकर का प्रयोग करें।

Social, Legal, and Ethical Aspects of IT

“IT – सूचना प्रौद्योगिकी” (अंतर्राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा मानदंड – ISO27001)

Legal Framework for IT in India

  • Indian IT Act 2000
    • साइबर अपराध, इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स
    • Section 65 – Computer Source Code के साथ छेड़छाड़
    • Section 66 – Hacking and Computer अपराध
    • Section 43 – Electronic Records के साथ छेड़छाड़
    • Section 67 – अश्लील जानकारी छापना
  • Indian Copyright Act 1957
    • Computer Program की अवैध प्रति
  • Indian Penal Code
    • Section 406 – विश्वासघात
    • Section 420 – बेईमानी, धोखाधड़ी (Cyber)
  • Indian Contract Act 1872
    • Contract के उल्लंघन, क्षति व अनुबंध के मामले।

उम्मीद है कि आपको RSCIT Chapter 14 अच्छे से समझ आ गया होगा और आपने अच्छे से याद भी कर लिया होगा, इसी तरह अन्य RSCIT Chapters के भी नोट्स आपको हमारी वेबसाइट पर मिल जाएंगे। नीचे दिए बटन पर क्लिक करके उनको भी जरूर देखें।

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