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JNVU Remaining Exams New Time Table July 2020

JNVU Time Table

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के विद्यार्थियों के लिए JNVU ने नया टाईम टेबल जारी कर दिया है, जिन विद्यार्थियों की परिक्षाएं शैष बची हुई थी, ये उन विद्यार्थियों का टाइम टेबल है। 

बाकि जिन विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन मिला है वो ज्यों का त्यों रहेगा और उन्हें बिना परीक्षा पास कर दिया जाऐगा।

M.A. Final Time Table



M.Sc. Final Time Table


M.Com. Final Time Table


B.Com. (Honoures) Time Table


B.Com. (Honours) Business Time Table


B.Com. Final Time Table

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Hindi 301 Book PDF for RSOS and NIOS Students

RSOS Hindi Book अगर आप राजस्थान स्टेट ओपन बोर्ड के विद्यार्थी हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर है। आज मैं आपके लिए राजस्थान स्टेट ओपन बोर्ड की कक्षा 12 की हिन्दी किताब की PDF लेकर आया हूं, जिससे अगर आपके पास किताब नहीं है तो भी आप अपनी परिक्षाओं की तैयारी कर पाएंगे। हालांकि ये किताब तो NIOS बोर्ड की है, लेकिन आपके बहुत काम की है, क्योंकि जहां तक मैं जानता हूं NIOS और RSOS की किताबों में 80% समानता होती हैं क्योंकि मैंने दोनों बोर्ड की किताबें देख रखी है। इंटरनेट पर RSOS की अलग से किताब उपलब्ध नहीं होने के कारण मैं आपको NIOS की किताब उपलब्ध करा रहा हूं। लेकिन आप बेफिक्र रहिए आपको किसी भी तरह की समस्या नहीं आएगी। NIOS Hindi Book ये जो किताब मैं आपको नीचे उपलब्ध करा रहा हूं यह किताब स्पेशियली NIOS के विद्यार्थियों के लिए है, तो आप नीचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करके फ्री में बुक डाउनलोड कर सकते हैं। Hindi Book Download

Rajasthan State Open School Hindi (301) Model Paper Download

RSOS Hindi Model Paper प्रश्न 1.  (क) निम्नलिखित काव्यांश की  सप्रसंग व्याख्या कीजिए ‌: नरहरि ! चंचल है मति मेरी, कैसे भगति करूँ मैं तेरी ।। तूं मोंहि देखै, हौं तोहि देखूँ , प्रीति परस्पर होई । तूं मोहि देखै, तोहि न देखूँ , यह मति सब बुधि खोई । सब घट अंतर रमसि निरंतर, मैं देखन नहिं जाना । गुन सब तोर, मोर सब औगुन, क त उपकार न माना ।। मैं, तें तोरि - मोरि असमझि सौं, कैसे करि निस्तारा ।  कह रैदास कृष्ण करुणामय । जै जै जगत-अधारा ।।                        अथवा छोड़ो मत अपनी आन, सीस कट जाये, मत झुको अनय पर, भले व्योम फट जाये। दो बार नहीं यमराज कण्ठ धरता है, मरता है जो, एक ही बार मरता है। तुम स्वयं मरण के मुख पर चरण धरो रे! जीना हो तो मरने से नहीं डरो रे! (ख) निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए :  कनक कनक तैं सौगुनी, मादकता अधिकाय। वा खाएँ बौरात है, या पाएँ बौराय।। प्रश्न 2. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 35-35 शब्दों में दीजिए : (क) बिहारी के दोहे के आधार पर ग्रीष्म की विशेषता का वर्णन कीजिए। (ख) "नरहरि चंचल है गति मेरी" पद में रैदास ने अप